Maharashtra : महाराष्ट्र में इलेक्ट्रिक वाहनों से वसूला गया टोल वापस होगा! अवैध टोल वसूली का सच सामने आएगा

Maharashtra : महाराष्ट्र सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों और टोल फ्री कर रखा है लेकिन इसके बावजूद कुछ मार्गो पर इलेक्ट्रिक वाहनों से टोल वसूला जा रहा था। Maharashtra : यह मामला महाराष्ट्र विधानसभा में उठने के बाद सरकार ने इस प्रथा को अवैध करार देते हुए आठ दिनों के अंदर इस व्यवस्था को दुरुस्त करने और जिन वाहनों से की गई है उसे वापस करने के निर्देश दिए हैं।
महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने प्रमुख राजमार्गों पर इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) से टोल वसूले जाने को लेकर राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई थी। उन्होंने इस प्रथा को “अवैध” करार देते हुए सरकार को निर्देश दिया कि ईवी के लिए घोषित टोल छूट को हर हाल में पूरी तरह लागू किया जाए। अध्यक्ष ने स्पष्ट समय-सीमा तय करते हुए आठ दिनों के भीतर व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा।
ईवी से टोल वसूली क्यों अवैध है
प्रश्नकाल के दौरान नार्वेकर ने कहा कि राज्य की ईवी नीति पहले से ही प्रभावी है। ऐसे में मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे, नागपुर-मुंबई समृद्धि एक्सप्रेसवे और अटल सेतु पर किसी भी ईवी से टोल नहीं लिया जाना चाहिए। उन्होंने दो टूक कहा, “अगर एक भी इलेक्ट्रिक वाहन से टोल वसूला जा रहा है, तो यह अवैध है।” स्पीकर ने सरकार को निर्देश दिया कि टोल छूट की व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से पूरी तरह लागू किया जाए।

सरकार का पक्ष
परिवहन से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की ओर से मंत्री दादा भुसे ने स्वीकार किया कि कुछ ईवी उपयोगकर्ताओं से अब भी टोल वसूला जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य की ईवी नीति 23 मई 2025 को घोषित की गई थी और 22 अगस्त 2025 से इसे लागू किया गया। टोल छूट के लिए ईवी के फास्टैग डिटेल्स को वाहन (Vahan) पोर्टल पर पंजीकृत कर टोल प्रणालियों से जोड़ना जरूरी है।
भुसे ने कहा कि क्रियान्वयन की प्रक्रिया तीन महीने पहले शुरू हो चुकी है। लेकिन कुछ तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से समस्याएं बनी हुई हैं। सरकार इस प्रक्रिया को “तेज करने” पर काम कर रही है, ताकि सभी टोल प्वाइंट्स पर छूट प्रभावी हो सके।
विधायकों ने उठाए सवाल
शिवसेना (UBT) के विधायक वरुण सरदेसाई ने मंत्री के बयान को चुनौती देते हुए कहा कि हाल तक ईवी से टोल कटता रहा है। उन्होंने विधानसभा में कहा, “मेरे पास 27 अक्तूबर तक के टोल कटने की रसीदें हैं। मैं अपने दावे को साबित कर सकता हूं।”
गलत वसूली पर रिफंड की व्यवस्था के आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने सरकार को निर्देश दिया कि ईवी उपयोगकर्ताओं के लिए रिफंड मैकेनिज्म तैयार किया जाए। Maharashtra नार्वेकर ने कहा कि जिन ईवी मालिकों से गलत तरीके से टोल वसूला गया है, वे सबूत पेश कर अपना पैसा वापस पाने में सक्षम होने चाहिए। चाहे यह राशि टोल ऑपरेटर से लौटाई जाए या राज्य सरकार की ओर से।